नौ दिनों की पूजा के बाद माँ दुर्गा की विदाई: विसर्जन यात्रा में उमड़ा भक्तों का उत्साह,अगले साल फिर आने की लगाई गुहार
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रायपुर। राजधानी रायपुर में आज विजयादशमी के पावन अवसर पर माँ दुर्गा की प्रतिमाओं को भावुक विदाई दी जा रही है। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से गुलजार रहे दुर्गा पंडालों में अब विसर्जन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। माँ दुर्गा की विदाई के साथ ही भक्तों की आंखें नम हैं, वहीं अगले वर्ष माँ के फिर आगमन की कामना के साथ श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्तिभाव से विसर्जन यात्रा में शामिल हो रहे हैं। शहर के सबसे प्रमुख विसर्जन स्थलों में शामिल महादेव घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
महादेव घाट पर सुबह से ही दुर्गा प्रतिमाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थापित दुर्गा पंडालों से माँ की प्रतिमाओं को आकर्षक झांकियों और सजे-धजे वाहनों में विराजमान कर गाजे-बाजे के साथ विसर्जन के लिए लाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, शहर के 500 से अधिक पंडालों की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए महादेव घाट पहुंच रही हैं। प्रतिमाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद हैं, जो ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच माँ को विदाई दे रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज रहा महादेव घाट
महादेव घाट पर सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दे रही है, तो कहीं डीजे और धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं। विसर्जन यात्रा में शामिल भक्त लगातार ‘जय माता दी’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे लगा रहे हैं। इन जयकारों के बीच माँ दुर्गा को विदाई देने का दृश्य श्रद्धा और भावनाओं से भरा नजर आ रहा है।
नौ दिनों तक जिन पंडालों में माँ दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की गई, वहां अब विदाई की रस्में निभाई जा रही हैं। भक्त माँ से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाने से पहले कई स्थानों पर पूजा-अर्चना और आरती की जा रही है। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाएं महादेव घाट के लिए रवाना हो रही हैं।
बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था
दुर्गा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रतिमाओं के आकार को देखते हुए नगर निगम तथा प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। महादेव घाट पर बड़ी प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित करने के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से भारी प्रतिमाओं को सावधानीपूर्वक पानी तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
वहीं, छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग से कुंड बनाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना और घाट पर एक साथ पहुंचने वाली प्रतिमाओं के कारण होने वाली अव्यवस्था को रोकना है। प्रतिमाओं के आगमन और विसर्जन की प्रक्रिया को क्रमबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल सके।
सुरक्षा के लिए SDRF, गोताखोर और पुलिस की तैनाती
महादेव घाट पर विसर्जन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। घाट पर SDRF की टीम, गोताखोर और पुलिसकर्मी तैनात हैं। पानी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी की जा रही है।
प्रतिमाओं के विसर्जन को व्यवस्थित रखने के लिए प्रत्येक प्रतिमा की एंट्री के बाद ही विसर्जन की अनुमति दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इससे प्रतिमाओं के क्रम और भीड़ के प्रबंधन में मदद मिल रही है। घाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित रखने और विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित ढंग से पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नौ दिनों की पूजा के बाद माँ को विदाई
शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक रायपुर के विभिन्न इलाकों में माँ दुर्गा के पंडालों में धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। आकर्षक सजावट, पूजा-अर्चना, आरती और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने माँ की आराधना की। विजयादशमी के अवसर पर अब उन्हीं प्रतिमाओं को विदाई दी जा रही है। भक्तों के लिए यह अवसर जहां धार्मिक परंपरा को निभाने का है, वहीं माँ से बिछड़ने की भावुक घड़ी भी है।
विसर्जन के दौरान श्रद्धालु माँ दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना कर रहे हैं। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के बीच प्रतिमाओं को विदाई देने का सिलसिला जारी है। कई परिवारों और समितियों के सदस्य पूरे उत्साह के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच जारी है विसर्जन
राजधानी के प्रमुख विसर्जन स्थल महादेव घाट पर प्रतिमाओं के पहुंचने और विसर्जन का क्रम लगातार जारी है। बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन, छोटी प्रतिमाओं के लिए अलग कुंड और सुरक्षा के लिए SDRF, गोताखोरों तथा पुलिस की तैनाती के बीच पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की कोशिश की जा रही है।
विजयादशमी के मौके पर महादेव घाट पर उमड़ी भीड़ रायपुर में दुर्गा पूजा के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को दर्शा रही है। नौ दिनों तक माँ दुर्गा की आराधना करने के बाद अब भक्त नम आंखों और अगले वर्ष फिर माँ के आगमन की उम्मीद के साथ उन्हें विदाई दे रहे हैं। महादेव घाट पर गूंजते जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच दुर्गा विसर्जन किया गया।



