छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: बिलासपुर हाईकोर्ट में नए विधि अधिकारी नियुक्त, 23 पैनल लॉयर को भी मिली जिम्मेदारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर हाईकोर्ट में सरकारी मुकदमों की पैरवी के लिए विधि अधिकारियों की नई टीम गठित की है।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर हाईकोर्ट में सरकारी मुकदमों की पैरवी के लिए विधि अधिकारियों की नई टीम गठित की है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। नियुक्तियों में अतिरिक्त महाधिवक्ता से लेकर शासकीय अधिवक्ता तक के पद शामिल हैं। इसके अलावा 23 पैनल लॉयर की भी नियुक्ति की गई है। विभागीय आदेशों के तहत कुल 31 अधिवक्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर शर्मिला सिंघई और सुमित सिंह
विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शर्मिला सिंघई और सुमित सिंह को अतिरिक्त महाधिवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सुनीता मणिकपुरी और अविनाश चंद साहू उप महाधिवक्ता के रूप में कार्य करेंगे। इनकी प्रमुख भूमिका हाईकोर्ट में राज्य सरकार से जुड़े मामलों की पैरवी करना और न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखना होगा।
अरविंद दुबे समेत तीन अधिवक्ताओं को मिली नई जिम्मेदारी
नई नियुक्तियों के तहत अरविंद दुबे, शरद मिश्रा और एचएपीएस भाटिया को शासकीय अधिवक्ता बनाया गया है। वहीं, अक्षय उप्पल को उप शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया गया है। इन पदों पर नियुक्त अधिवक्ता अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र के अनुसार सरकारी मामलों में कानूनी पैरवी करेंगे।
23 पैनल लॉयर की भी हुई नियुक्ति
विधि अधिकारियों के अलावा विभाग ने 23 पैनल लॉयर की नियुक्ति भी की है। इस तरह दोनों आदेशों के माध्यम से कुल 31 अधिवक्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों से हाईकोर्ट में लंबित और नए सरकारी मामलों की पैरवी के लिए कानूनी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नियुक्त अधिकारियों का कार्यकाल दो साल
विभागीय आदेश में विधि अधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित किया गया है। नई नियुक्तियों के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न मामलों की पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ता अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
सरकार की ओर से की गई इन नियुक्तियों को न्यायालयीन मामलों में प्रभावी पैरवी और शासकीय पक्ष के कानूनी प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




