दिल्ली के मायापुरी में आग से मचा हड़कंप, प्लास्टिक और खिलौनों की फैक्ट्री धधकी; 26 दमकल गाड़ियां मौके पर
नई दिल्ली। दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक फैक्ट्री में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और पूरी इमारत से ऊंची लपटें उठने लगीं।

नई दिल्ली। दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक फैक्ट्री में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और पूरी इमारत से ऊंची लपटें उठने लगीं। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जिसे आसपास के इलाकों से भी देखा गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के अभियान में 26 दमकल गाड़ियों और 80 से अधिक कर्मियों को लगाया गया।
रात 9 बजे के बाद मिली आग की सूचना
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर की रात करीब 9:05 बजे मायापुरी स्थित फैक्ट्री में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली। उस समय फैक्ट्री के भीतर मजदूरों के काम करने की बात सामने आई। आग और धुआं फैलता देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। श्रमिकों ने सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश की।
शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी। हालांकि, घटना में किसी के घायल होने या अन्य नुकसान की स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
ज्वलनशील सामग्री बनी आग बुझाने में चुनौती
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में प्लास्टिक उत्पादों और खिलौनों से जुड़ा काम होता था। परिसर में प्लास्टिक, थर्माकोल और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते लपटों ने इमारत के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया।
ज्वलनशील सामान के कारण आग पर नियंत्रण पाना दमकलकर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। फैक्ट्री से लगातार उठते काले धुएं ने आसपास के क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी।
26 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास
आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने मौके पर अतिरिक्त संसाधन भेजे। कुल 26 दमकल गाड़ियों और 80 से अधिक अग्निशमन कर्मियों की मदद से आग को नियंत्रित करने का अभियान चलाया गया।
दमकलकर्मियों ने विभिन्न दिशाओं से पानी और फोम का इस्तेमाल करते हुए आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया। औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों की नजदीकी और सीमित जगह के कारण राहत कार्य में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, इलाके की गई घेराबंदी
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित की गई, ताकि कोई भी व्यक्ति आग की चपेट में आने के खतरे में न पड़े।
प्रशासन अब फैक्ट्री में मौजूद अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा इंतजामों और जरूरी अनुमतियों से संबंधित पहलुओं की जांच कर सकता है। आग लगने की वजह को लेकर शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मायापुरी की इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल करने वाली फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।
अब सबकी नजर आग लगने के वास्तविक कारण, संपत्ति को हुए नुकसान और प्रशासन की जांच पर रहेगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि फैक्ट्री में सभी जरूरी अग्नि सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं।




