Breaking Newsछत्तीसगढ़

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर CM विष्णुदेव साय का संदेश, बोले- उनके आदर्शों से समाज को मिलती है सही दिशा

Raipur News: महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, न्याय, करुणा और नैतिकता के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

Raipur News: महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, न्याय, करुणा और नैतिकता के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

रायपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिकवि के योगदान को याद करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं ने भारतीय संस्कृति और समाज को जीवन जीने के उच्च आदर्श दिए हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे महर्षि वाल्मीकि के विचारों को अपने आचरण में उतारें और बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

रामायण में समाहित हैं जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर है। इस महाकाव्य में सत्य, कर्तव्य, न्याय, करुणा और लोककल्याण जैसे मूल्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि रामायण में वर्णित आदर्श आज भी लोगों को सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देते हैं। समय बदलने के बावजूद महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं की प्रासंगिकता बनी हुई है।

सामाजिक सद्भाव और समरसता पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाकर समाज में आपसी सम्मान, सद्भाव और समरसता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नैतिक मूल्यों को महत्व देने और संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

सीएम साय के अनुसार, समाज की प्रगति के लिए केवल विकास ही नहीं, बल्कि अच्छे विचारों, मानवीय संवेदनाओं और आपसी सहयोग को भी महत्व देना जरूरी है।

भारतीय संस्कृति को समृद्ध करने में महर्षि वाल्मीकि का योगदान

महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य का आदिकवि माना जाता है। उनकी रचना रामायण में भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्शों का वर्णन मिलता है। यह महाकाव्य सदियों से भारतीय समाज की सांस्कृतिक और नैतिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों से प्रेरणा लेकर एक समरस, संस्कारवान एवं विकसित समाज बनाने की अपील की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button