दिल्ली साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 22.50 लाख की ठगी में दो आरोपी दबोचे
नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने 22.50 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने 22.50 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। आरोप है कि दोनों आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी 34 वर्षीय राज कुमार और 29 वर्षीय विपिन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
ऑनलाइन निवेश पर अच्छे रिटर्न का दिया लालच
पुलिस के मुताबिक, अमित कुमार की शिकायत पर उत्तर-पूर्वी जिले के साइबर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत FIR नंबर 0011/2026 दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि ‘नेहा शर्मा’ नाम की फेसबुक प्रोफाइल का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों ने उन्हें ‘ई-सेलर स्टोर’ नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया। उनके झांसे में आकर पीड़ित ने कई बार पैसे ट्रांसफर किए, जिससे उन्हें कुल 22.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने बैंक खातों और लेन-देन के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस दौरान पता चला कि कथित ठगी की रकम में से एक लाख रुपये राज कुमार के नाम पर खुले बैंक खाते में पहुंचे थे। तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने 17 अक्टूबर को राज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पूछताछ में राज कुमार ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने जीजा विपिन कुमार के कहने पर 15 हजार रुपये के बदले बैंक खाता खुलवाया था। इसके बाद उसने खाते से जुड़ा एटीएम कार्ड, बैंक किट, जरूरी दस्तावेज और पंजीकृत मोबाइल कनेक्शन विपिन को सौंप दिए थे।
कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप
पुलिस ने आगे की जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के टप्पल से विपिन कुमार को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विपिन ने कथित तौर पर बताया कि उसने राज कुमार से बैंक खाता लिया था और उससे संबंधित बैंकिंग दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिए थे। उसने यह भी बताया कि वह पैसे और कमीशन के बदले दूसरे लोगों से बैंक खाते हासिल करता था और उन्हें आगे अन्य लोगों को उपलब्ध कराता था।
साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल दोनों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। मामले में कुल चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
अब पुलिस इस कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने, बैंक खातों के जरिए हुए लेन-देन की कड़ियां जोड़ने और ठगी की बाकी रकम का पता लगाने में जुटी है। मामले में आगे की जांच जारी है।




