दिल्ली लौटकर मेरी बात सुन लेना’, राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी सत्ता में वापसी को लेकर तंज कसा। दिल्ली में यमुना की सफाई और जल प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं के कार्यक्रम में शाह ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह दिल्ली लौटें, तो उनकी बात सुन लें।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी सत्ता में वापसी को लेकर तंज कसा। दिल्ली में यमुना की सफाई और जल प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं के कार्यक्रम में शाह ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह दिल्ली लौटें, तो उनकी बात सुन लें। उन्होंने दावा किया कि अगले 30 वर्षों तक राहुल गांधी को सत्ता में आने का मौका नहीं मिलेगा। इसी कार्यक्रम में दिल्ली जल बोर्ड की 8,941 करोड़ रुपये से अधिक की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
राहुल गांधी को लेकर शाह ने क्या कहा?
कार्यक्रम में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया और विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि राहुल गांधी इस समय देश से बाहर हैं।
शाह ने अपने संबोधन में कहा कि राहुल गांधी जब दिल्ली लौटें, तो उनकी बात सुन लें। उन्होंने अगले 30 वर्षों तक सत्ता में आने का अवसर नहीं मिलने की टिप्पणी भी की। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
दिल्ली में 43 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 8,941 करोड़ रुपये
राजनीतिक बयान के साथ कार्यक्रम में दिल्ली की जल और सीवेज व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़ी योजनाएं भी केंद्र में रहीं। दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 8,941.22 करोड़ रुपये बताई गई। इनमें 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 33 का शिलान्यास शामिल था।
इन योजनाओं के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण और आधुनिकीकरण, सीवर लाइन बिछाने तथा गंदे पानी के प्रबंधन से जुड़े कार्य किए जाने हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सीवेज व्यवस्था को मजबूत करना और जल प्रदूषण को कम करने के प्रयासों को गति देना है।
यमुना में प्रदूषण घटाने के लिए सीवेज नेटवर्क पर फोकस
यमुना नदी में गंदे पानी का प्रवाह रोकने के लिए सीवेज के उपचार और निकासी व्यवस्था में सुधार को अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित योजनाओं में करीब 1,034 किलोमीटर सीवर नेटवर्क विकसित करने के साथ बाहरी दिल्ली में 29 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशन तैयार करने की योजना भी शामिल है।
इन परियोजनाओं से सीवेज प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने और अनुपचारित पानी को नदी में जाने से रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक असर परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगा।
राजनीतिक आरोपों के साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
अमित शाह के संबोधन में राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक पहलू को प्रमुखता दी, जबकि कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली की जल आपूर्ति और सीवेज संबंधी समस्याओं के समाधान से जुड़ा रहा।
यमुना की सफाई, सीवर नेटवर्क के विस्तार और जल प्रबंधन में सुधार जैसी योजनाएं राजधानी की बुनियादी सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इनके परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि परियोजनाएं कितनी प्रभावी ढंग से पूरी होती हैं और उनका लाभ नागरिकों तक किस स्तर तक पहुंचता है।




