अभनपुर में स्मृति ईरानी के साथ CM साय ने सुना ‘मन की बात’, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और नवाचारों का किया जिक्र
Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी को अभनपुर में सुना। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम देशभर में हो रहे अच्छे कार्यों को पहचान दिलाने और लोगों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है।

Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी को अभनपुर में सुना। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम देशभर में हो रहे अच्छे कार्यों को पहचान दिलाने और लोगों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी के प्रसारण के अवसर पर रायपुर जिले के अभनपुर में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। अग्रवाल भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री के विचार सुने।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे ऐसे लोगों के प्रयास सामने आते हैं, जो समाज, पर्यावरण संरक्षण, जनसेवा और नई तकनीकों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
बस्तर की परंपराओं और प्रतिभाओं को मिल रही पहचान
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम में प्रदेश से जुड़े कई विषयों को स्थान दिया है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति, स्थानीय परंपराओं और युवाओं की प्रतिभा को व्यापक पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों के साथ वहां की सांस्कृतिक धरोहर और खेल प्रतिभाएं भी प्रदेश की पहचान को मजबूत कर रही हैं।
जल संरक्षण के लिए कोरिया जिले के मॉडल की चर्चा
सीएम साय ने कोरिया जिले में अपनाए जा रहे ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ को जल संरक्षण का अभिनव प्रयास बताया। इस मॉडल के तहत किसान अपनी जमीन के एक हिस्से में तालाब बनाकर बारिश के पानी को सहेजते हैं। इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने और भूजल संरक्षण में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने मल्हार के ऐतिहासिक ताम्रपत्रों और पोषण को बढ़ावा देने वाले ‘हर घर मुनगा’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे ऐसे प्रयास छत्तीसगढ़ की विशेषताओं को देश के सामने लाते हैं।
स्थानीय कारोबार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
‘मन की बात’ की इस कड़ी में प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों की चर्चा की। इनमें पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयास तथा उत्तराखंड में हेवल नदी को पुनर्जीवित करने की पहल शामिल रही।
प्रधानमंत्री ने त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों से सामान खरीदने की अपील करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ के महत्व पर जोर दिया। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन देना है।
स्वास्थ्य, तकनीक और खेती से जुड़े विषय भी चर्चा में
कार्यक्रम के दौरान ई-संजीवनी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक अनुसंधान, डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान जैसे विषयों पर भी संदेश दिया गया।
इसके अलावा सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में भागीदारी, स्वच्छता बनाए रखने और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने की अपील की गई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे विषय लोगों को अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
‘विकसित छत्तीसगढ़’ की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसके लिए आम नागरिकों की भागीदारी, नए विचारों को अपनाना और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब समाज के विभिन्न वर्ग विकास के प्रयासों में सहभागी बनेंगे, तभी प्रदेश और देश आगे बढ़ेंगे।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




