Jio IPO Listing: दादा धीरूभाई की विरासत और पिता के सपनों का जिक्र कर भावुक हुए अनंत, मुकेश अंबानी की आंखें हुईं नम
मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग से जुड़ा समारोह उस समय भावुक पल का गवाह बन गया, जब अनंत अंबानी ने अपने परिवार के संघर्ष और कामयाबी की कहानी साझा की।

मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग से जुड़ा समारोह उस समय भावुक पल का गवाह बन गया, जब अनंत अंबानी ने अपने परिवार के संघर्ष और कामयाबी की कहानी साझा की। दादा धीरूभाई अंबानी के शुरुआती दिनों से लेकर पिता मुकेश अंबानी की कारोबारी दूरदृष्टि तक का जिक्र करते हुए अनंत ने रिलायंस की यात्रा को याद किया। बेटे की बातें सुनकर मुकेश अंबानी भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम हो गईं।
यह मौका केवल कारोबारी उपलब्धि का नहीं, बल्कि उस विरासत को याद करने का भी था, जिसकी शुरुआत सीमित संसाधनों के बीच हुई और जिसने आगे चलकर भारतीय उद्योग जगत में अपनी खास पहचान बनाई।
साधारण शुरुआत से बड़े कारोबारी साम्राज्य तक
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में दादा धीरूभाई अंबानी के जीवन संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह धीरूभाई ने शुरुआती दिनों में अदन में पेट्रोल पंप पर काम किया और बाद में अपने सपनों को साकार करने के लिए कारोबार की दुनिया में कदम बढ़ाया।
धीरूभाई की कहानी मेहनत, जोखिम उठाने और भविष्य के प्रति बड़े नजरिये की मिसाल रही है। सीमित साधनों से शुरुआत करने के बाद उन्होंने रिलायंस को एक बड़े कारोबारी समूह के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
अनंत के भाषण में जब परिवार के इसी सफर का जिक्र आया, तो मुकेश अंबानी की भावुक प्रतिक्रिया समारोह के खास पलों में शामिल हो गई।
मुकेश अंबानी के विजन ने बदली कारोबार की दिशा
अपने पिता के योगदान को याद करते हुए अनंत अंबानी ने भारत को औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में आगे ले जाने के उनके सपने का उल्लेख किया। उन्होंने जामनगर रिफाइनरी का उदाहरण देते हुए बताया कि बड़े लक्ष्य और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ किस तरह विशाल परियोजनाओं को हकीकत में बदला जा सकता है।
जामनगर की औद्योगिक परियोजनाओं से लेकर जियो के डिजिटल नेटवर्क तक, रिलायंस ने समय के साथ अपने कारोबार का दायरा बढ़ाया है। अनंत ने जियो की यात्रा को भी इसी सोच का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य देशभर में लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना रहा है।
‘जियो आपने बनाया है’, ग्राहकों और कर्मचारियों को दिया श्रेय
अनंत अंबानी ने जियो की उपलब्धियों के पीछे ग्राहकों के भरोसे और कर्मचारियों की मेहनत को अहम बताया। उन्होंने कहा, “जियो आपने बनाया है। आपके सपनों को पूरा करना ही हमारा सपना है।”
इस संदेश के जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि किसी कंपनी की सफलता सिर्फ उसके नेतृत्व की वजह से नहीं होती। इसमें नेटवर्क तैयार करने वाले इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों, फील्ड टीमों और सेवा से जुड़े लोगों की भी बड़ी भूमिका होती है।
दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने से लेकर नेटवर्क को लगातार चालू रखने तक, जियो से जुड़े कर्मचारियों का योगदान कंपनी की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
IPO समारोह में कारोबार के साथ परिवार का जुड़ाव भी चर्चा में
जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग से जुड़े इस कार्यक्रम में अनंत अंबानी के भाषण ने परिवार की तीन पीढ़ियों के योगदान को सामने रखा। धीरूभाई अंबानी ने कारोबार की बुनियाद तैयार की, मुकेश अंबानी ने उसे नए क्षेत्रों तक पहुंचाया और अब अगली पीढ़ी उस सफर को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रही है।
मुकेश अंबानी का भावुक होना इस बात की याद दिलाता है कि बड़े कारोबारी मुकाम के पीछे वर्षों का संघर्ष, पारिवारिक यादें और कई पीढ़ियों की मेहनत जुड़ी होती है।
धीरूभाई के सपनों से डिजिटल भारत तक का सफर
अनंत अंबानी के संबोधन ने रिलायंस की कहानी को एक अलग नजरिये से पेश किया। इसमें शुरुआती संघर्ष, औद्योगिक विकास, डिजिटल क्रांति और भविष्य की जिम्मेदारियों के पहलू एक साथ दिखाई दिए।
जियो की उपलब्धियों के बीच परिवार की पुरानी यादों का सामने आना समारोह को भावनात्मक रंग दे गया। धीरूभाई अंबानी की मेहनत से शुरू हुई यात्रा और मुकेश अंबानी के नेतृत्व में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए अनंत ने इस विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।




