वनांचल के गांवों तक पहुंची स्वास्थ्य टीम, बलरामपुर में महिलाओं और बच्चों की हुई जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीणों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की गई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीणों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की गई। इसके तहत शंकरगढ़ विकासखंड के आमाकोना और कुसमी विकासखंड के चंपानगर में स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर लगाए गए। इन शिविरों में खासतौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और नवप्रसूता माताओं के स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान दिया गया।
23 अक्टूबर 2026 को आयोजित इन शिविरों के जरिए दूरस्थ वनांचल में रहने वाले लोगों को जांच, प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सलाह उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक जाने की परेशानी से राहत देना भी है।
ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच, मौके पर मिला उपचार
शंकरगढ़ विकासखंड के पीएम जनमन क्षेत्र में आने वाले ग्राम पोड़ीखुर्द के आमाकोना बहुउद्देशीय केंद्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच की। जरूरत के अनुसार आगे की जांच के लिए रक्त के नमूने भी एकत्र किए गए।
जिन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी, उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से लोगों को अस्पताल आने-जाने में लगने वाले समय और मेहनत की बचत हुई।
72 लोगों ने लिया शिविर का लाभ
आमाकोना में आयोजित शिविर में कुल 42 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हुए। बच्चों का वजन और लंबाई मापकर उनकी पोषण स्थिति की जानकारी जुटाई गई। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के समुचित विकास और खानपान को लेकर जरूरी सलाह दी गई।
शिविर के दौरान पूरक पोषण आहार के लिए पात्र 15 हितग्राहियों को सुपोषण किट बांटी गई। इस पहल का मकसद जरूरतमंद परिवारों तक पोषण सहायता पहुंचाना और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना है।
माताओं को पोषण और बच्चों की देखभाल के बारे में दी जानकारी
शिविर में स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को कुपोषण के कारणों और इससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य देखभाल का महत्व समझाया गया।
वहीं, शिशुवती माताओं को बच्चों के लिए उचित आहार, पोषण और शुरुआती उम्र में बेहतर देखभाल के बारे में जानकारी दी गई। अभिभावकों को बच्चों की लंबाई और वजन पर ध्यान देने तथा उनके स्वस्थ विकास के लिए संतुलित भोजन उपलब्ध कराने की सलाह भी दी गई।
कुसमी के चंपानगर में भी आयोजित हुआ शिविर
स्वास्थ्य एवं पोषण सेवा संगम के तहत कुसमी विकासखंड के चंपानगर स्थित बहुउद्देशीय केंद्र में भी शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के साथ पोषण संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। आमाकोना और चंपानगर में आयोजित शिविरों में भी ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच और जरूरी परामर्श के जरिए लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।




