Himanshu Bhau Arrest News: अमेरिकी एजेंसी FBI के एक्शन की चर्चा, क्या भारत लाया जाएगा गैंगस्टर हिमांशु भाऊ?
नई दिल्ली। हरियाणा और दिल्ली में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ उर्फ भाऊ रिटोलिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।

नई दिल्ली। हरियाणा और दिल्ली में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ उर्फ भाऊ रिटोलिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि उसे अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। इस खबर के बाद अब उसके भारत प्रत्यर्पण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी जरूरी है।
हिमांशु भाऊ का नाम उत्तर भारत में सक्रिय कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ता रहा है। हत्या, जबरन वसूली और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां उसकी तलाश करती रही हैं। विदेश में उसकी मौजूदगी के चलते भारतीय एजेंसियों के सामने उसे देश वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया एक अहम चुनौती रही है।
इंटरपोल के नोटिस के बाद से एजेंसियों की नजर
हिमांशु भाऊ के खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस समेत विभिन्न एजेंसियां उससे जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही थीं।
उसकी तलाश के दौरान पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया था। अब अमेरिका में गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध करेंगी। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रोहतक के रिटोली गांव से जुड़ा है नाम
हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का निवासी बताया जाता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कम उम्र में ही उसका नाम आपराधिक गतिविधियों से जुड़ने लगा था। बाद में उसका नाम हरियाणा और दिल्ली में दर्ज कई गंभीर मामलों की जांच में सामने आया।
जांच एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क और सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल करती रही हैं। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज मामलों में लगाए गए आरोपों और अदालत में साबित हुए तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
बर्गर किंग हत्याकांड में भी चर्चा में आया था गैंग
दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई हत्या के मामले में भी हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आया था। इसके अलावा हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में कथित रंगदारी और हिंसक वारदातों से जुड़े मामलों में भी उसके नेटवर्क की जांच की जाती रही है।
ऐसे मामलों में पुलिस की जांच का दायरा केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कथित सहयोगियों, वित्तीय लेनदेन और वारदातों में इस्तेमाल किए गए संचार माध्यमों की भी पड़ताल की जाती है।
नीरज बवाना से कथित नजदीकी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से रंजिश
हिमांशु भाऊ का नाम नीरज बवाना से जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क के साथ भी जोड़ा जाता रहा है। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से संबंधित गिरोहों के साथ उसकी दुश्मनी की खबरें भी मीडिया में आती रही हैं।
विदेश में मौजूद आरोपियों और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करने में अलग-अलग देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण हिमांशु भाऊ के मामले में भी अमेरिका और भारत की एजेंसियों के बीच संभावित कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
भारत वापसी के लिए क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?
यदि अमेरिका में गिरफ्तारी की पुष्टि होती है, तो हिमांशु भाऊ को भारत लाने के लिए संबंधित अधिकारी प्रत्यर्पण या लागू अन्य कानूनी प्रक्रिया अपना सकते हैं। इसके लिए भारतीय पक्ष को संबंधित मामलों के दस्तावेज और आवश्यक कानूनी अनुरोध अमेरिकी अधिकारियों के सामने रखने पड़ सकते हैं।
प्रत्यर्पण का फैसला संबंधित कानूनों, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होता है। इसलिए गिरफ्तारी की खबर आने मात्र से यह तय नहीं माना जा सकता कि आरोपी को तुरंत भारत भेज दिया जाएगा।
फिलहाल, हिमांशु भाऊ से जुड़े मामले में गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और भारत प्रत्यर्पण को लेकर संबंधित एजेंसियों के बयान अहम होंगे। इन जानकारियों के सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।




