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J&K Politics: उमर अब्दुल्ला ने बदली अपनी टीम, चार नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह; सतीश शर्मा बाहर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है। मंगलवार को श्रीनगर के लोक भवन में अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू ने मंत्री पद की शपथ ली।

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है। मंगलवार को श्रीनगर के लोक भवन में अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू ने मंत्री पद की शपथ ली। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, स्वतंत्र विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया है। अक्टूबर 2024 में सरकार बनने के बाद यह मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार है।

मंत्रिमंडल में अब नौ सदस्य

चार नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री समेत मंत्रिपरिषद में सदस्यों की संख्या नौ हो गई है। जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए निर्धारित नियमों के तहत मंत्रिपरिषद में अधिकतम नौ सदस्य हो सकते हैं। इस तरह सरकार ने मंत्रिमंडल की पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर लिया है।

अनुभवी नेताओं पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का भरोसा

इस फेरबदल में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने वरिष्ठ नेताओं को फिर से सरकार में जिम्मेदारी दी है। नए मंत्रियों में तीन प्रमुख पार्टी नेता शामिल हैं, जबकि शमीमा फिरदौस को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

  • अली मोहम्मद सागर: श्रीनगर की खानयार सीट से सात बार विधायक चुने जा चुके हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और पहले भी मंत्री रह चुके हैं।
  • मीर सैफुल्लाह: उत्तरी कश्मीर के त्रेहगाम से विधायक हैं। उन्हें भी पूर्व में मंत्रिमंडल में काम करने का अनुभव है।
  • शमीमा फिरदौस: हब्बाकदल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। वह पहली बार कैबिनेट मंत्री बनी हैं।
  • अल्ताफ अहमद कल्लू: पहलगाम से विधायक हैं। विधानसभा और विधान परिषद में काम करने के बाद अब उन्हें पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है

    महिला प्रतिनिधित्व को भी मिली जगह

    शमीमा फिरदौस की नियुक्ति मंत्रिमंडल में महिला भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वह जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री बनने वाली दूसरी महिला होंगी, जबकि सकीना मसूद इट्टू पहले से मंत्रिमंडल में शामिल हैं। इस फैसले से सरकार में महिला नेतृत्व की मौजूदगी और मजबूत होगी।

    सतीश शर्मा को हटाने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज

    स्वतंत्र विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने के बाद क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संतुलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। शर्मा जम्मू संभाग के छंब विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके हटने से मंत्रिमंडल में जम्मू क्षेत्र की भागीदारी को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

    कांग्रेस सरकार में शामिल नहीं

    मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कांग्रेस ने सरकार में शामिल नहीं होने का अपना रुख बरकरार रखा है। पार्टी जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने तक सरकार से बाहर रहने की बात कहती रही है। ऐसे में उमर अब्दुल्ला सरकार की आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी नजर रहेगी।

    अब विभागों के बंटवारे पर निगाहें

    नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम विभागों का आवंटन होगा। किस मंत्री को कौन-सा विभाग मिलेगा और मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में क्या बदलाव होंगे, इसकी जानकारी आधिकारिक आदेश जारी होने पर स्पष्ट होगी।

    कुल मिलाकर, उमर अब्दुल्ला के इस मंत्रिमंडलीय फेरबदल में वरिष्ठ नेताओं की वापसी, नए नेतृत्व को अवसर और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं। अब सरकार के कामकाज और विभागों के नए बंटवारे से इस बदलाव का वास्तविक असर स्पष्ट होगा।

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