CG News: गांव-गांव तक पहुंच रही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना, वनांचल के लोगों के लिए सफर हुआ आसान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और वनांचल इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और वनांचल इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को नियमित बस सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। कांकेर से लेकर जशपुर और सरगुजा तक बस मार्गों के विस्तार से विद्यार्थियों, कामगारों और आम नागरिकों को स्कूल, अस्पताल, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में सहूलियत मिल रही है।
जहां पहुंचना था मुश्किल, वहां मिलने लगी बस सुविधा
कई ग्रामीण इलाकों में पहले लोगों को बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। खासकर पहाड़ी और अंदरूनी क्षेत्रों में परिवहन के सीमित साधनों के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित होते थे। ग्रामीण बस योजना के जरिए ऐसे क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों का समय और यात्रा पर होने वाला खर्च बच सके।
अक्टूबर 2025 में जगदलपुर से शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर में किया गया था। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बसों को हरी झंडी दिखाई थी। योजना के शुरुआती चरण में 250 गांवों तक परिवहन सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था।
इस पहल के माध्यम से दूरस्थ बस्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कांकेर में बस मार्गों से ग्रामीणों को राहत
कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इन दोनों मार्गों से 40 से अधिक गांवों के लोगों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
बस सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों के लिए हाट-बाजार जाना, सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेना आसान हो रहा है। स्थानीय स्तर पर बेहतर परिवहन व्यवस्था से लोगों को दैनिक कार्यों की योजना बनाने में भी मदद मिल रही है।
जशपुर के दुर्गम इलाकों में बढ़ी कनेक्टिविटी
जशपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए राहत लेकर आया है। बगीचा विकासखंड के सन्ना समेत आसपास के गांवों में नियमित परिवहन सुविधा से विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य यात्रियों को आवागमन में मदद मिल रही है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 16 बसों का संचालन ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे रहा है। इससे मुख्यालय, बाजार और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने के विकल्प बढ़े हैं।
सरगुजा में श्रमिकों से लेकर छात्र-छात्राओं को फायदा
सरगुजा जिले में ग्रामीण बस सेवाओं से लोगों के रोजाना के सफर में आसानी हुई है। सिधमा गांव के निवासी ज्ञानेश्वर जैसे श्रमिकों को अब काम पर आने-जाने के लिए पहले की तुलना में बेहतर परिवहन विकल्प मिल रहे हैं।
लुण्ड्रा विकासखंड के ससौली और छिरोपारा के ग्रामीणों को भी बस सेवा से राहत मिली है। पहले मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए लगभग 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब अंबिकापुर से कोरांधा-उरदरा मार्ग पर बस सेवा शुरू होने से जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान हुआ है।
बादा सहित कई गांवों का अंबिकापुर से जुड़ाव बेहतर
सरगुजा में बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा और सरगवां होते हुए अंबिकापुर तक बस सेवा से कई गांवों का संपर्क बेहतर हुआ है।
इससे विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने, स्वास्थ्यकर्मियों को कार्यस्थल जाने और ग्रामीणों को इलाज व अन्य जरूरी कामों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने में सुविधा मिल रही है।
बस संचालकों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष प्रावधान
दुर्गम ग्रामीण मार्गों पर बसों का संचालन जारी रखने के लिए योजना में वित्तीय सहायता और वाहन कर में छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, निर्धारित शर्तों के तहत पहले वर्ष अधिकतम 26 रुपये, दूसरे वर्ष 24 रुपये और तीसरे वर्ष 22 रुपये प्रति किलोमीटर तक अनुदान दिया जा सकता है।
पात्र वाहनों के लिए तीन वर्ष तक मासिक वाहन कर में छूट का प्रावधान भी बताया गया है। परमिट आवंटन में स्थानीय निवासियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के आवेदकों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालन को बढ़ावा देना है।
परिवहन सुविधा से खुलेंगे विकास के नए रास्ते
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बस सेवा उपलब्ध होने से लोगों को केवल यात्रा में ही राहत नहीं मिलती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी बेहतर होती है। विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज जा सकते हैं, श्रमिक अपने कार्यस्थल तक पहुंच सकते हैं और ग्रामीण परिवार जरूरत पड़ने पर अस्पतालों व बाजारों तक जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के दूरस्थ गांवों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में इन सेवाओं का विस्तार और नियमित संचालन ग्रामीण जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकता है।




